Tuesday 14 January 2020

Padhai ke samay neend aaye to ye kare. gayab ho jayegi neend. पढ़ाई के समय नींद आए तो ये करें। गायब हो जाएगी नींद।

Posted by Dr.Nishant Pareek
पढ़ाई के समय नींद आए तो ये करें। गायब हो जाएगी नींद..




बच्चे हो या बड़े, पढ़ते समय नींद आने की यह एक बहुत ही आम समस्या है। जैसे ही हम पढ़ने बैठते हैं नींद आने लग जाती है। और पढ़ने मे मन लगना भी बंद हो जाता है। यह स्थिति बच्चों के अंदर सबसे अधिक आती है। नींद आने पर कुछ समय तो जबरदस्ती पढ़ने की कोशिश करते हैं किंतु अंत मे उनको ‌‌‌सोना ही पड़ता है। 
यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है। वरन रोज जैसे ही बच्चे पढ़ने बैठते हैं नींद आने लग जाती है। वे चाहकर भी अपना पाठ याद नहीं कर पाते और उनके पास इस समस्या का कोई स्थाई समाधान भी नहीं होता। वैसे पढ़ते समय नींद आने के कई कारण हो सकते हैं । इन उपायों से दूर कर सकते हैं पढ़ते समय आने वाली नींद को-
भरपूर प्रकाश में पढ़ें :-

अनेक विद्यार्थी सिर्फ़ एक स्टडी लैंप जला कर ही पढ़ाई करते हैं जिसकी वजह से कमरे व टेबल के बाकी हिस्से में अंधेरा रहता है। ऐसे माहौल में नींद आने लगती है,।  ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपने स्टडी रूम को पूर्णतः प्रकाशमान रखें. अर्थात बड़ी लाइट जला कर पढ़ना चाहिए।
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बिस्तर पर बैठ कर या लेट कर ना पढ़े:-
कभी भी अध्ययन करते समय आप किस तरह बैठते है, यह भी बहुत महत्त्व रखता। बिस्तर पर लेटकर कभी ना पढ़ें। इससे आप में आलस आ सकता है, जो कि नींद को आमंत्रित करता है। इसलिए पढ़ाई करते समय हमेशा कुर्सी पर सही ढंग से पीठ सीधी रखकर ही बैठें ही। सामने एक टेबल रखें और किताब गोद में रखकर पढ़ने की बजाए सामने टेबल पर रखकर पढ़ें। यदि आप कुर्सी पर बैठे है तो भी अपने हाथ या पाँव कुछ-कुछ समय अंतराल पर हिलाते रहे। इससे आपके शरीर में सुस्ती नहीं आएगी और सक्रियता बनी रहेगी। अर्थात अपने शरीर में हलचल बनाये रखनी है। सुस्ती नहीं रखनी है।
निरंतर प्रतिदिन अध्ययन करें:-
बहुत से बच्चे पूरे सालभर तो नियमित पढ़ाई नहीं करते और परीक्षा के निकट आते ही सब कुछ पढ़ने के लिए 6 से 7 घंटे अध्ययन करने के लिए खुद को प्रेरित करते हैं पर जब पढ़ने बैठते हैं तो कुछ ही समय में उन्हें नींद आनी शुरू हो जाती है। उन्हें पढ़ा हुआ कुछ भी समझ नहीं आता और पूरी पढ़ाई बोरियत होने लगती है। अतः रोजाना पढ़ते रहें और पढ़ाई को बोझ और बोरियत न बनने दें। रोजाना न पढ़ना भी नींद आने का एक कारण है। इससे निरंतर बैठने और पढ़ने की आदत बनी रहती है। 

विषय का समझ न आना:-
अध्ययन तो करने बैठ रहे हो लेकिन आपको ये नहीं पता की कौनसा विषय आपको पढ़ना है और आप कोई सा भी सब्जेक्ट उठा के पढ़ने बैठ जाते हो और आपको वो विषय समझ नहीं आता तो ऐसे में आपको नींद यानि आलस आना शुरू हो जाता है। इसके अतिरिक्त ध्यान से नहीं पढ़ने से नींद या आलस आना शुरू हो जाता है। इसलिए कौनसा सब्जेक्ट पढ़ना है, ये पहले ही सोचकर रखें। 
पढ़ें हुए का  नोट्स बनाएं :-
जिस सब्जेक्ट को या टापिक को आप पढ़ रहे हैं तो साथ साथ उसके नोट्स भी बनाते चले। इससे आप को रीविजन करने में भी आसानी होगी और आपको पूरा पाठ पढ़ने की भी जरुरत नहीं होगी। जब भी आप नोट्स को पढ़ोगे तो भी आपको बोरियत नहीं होगी और आपको सम्पूर्ण सार एक जगह ही मिल जाएगा। आपको इसे पढ़ते वक्त नींद भी नहीं आएगी। 

लम्बी सिटिंग देना- 
बहुत लम्बे समय तक पढ़ाई करने से भी हमें नींद आनी शुरू हो जाती है। आंखों में बोझ सा लगने लगता है। इसलिए हर एक घंटे के बाद थोड़ा उठ कर टोइलेट या कहीं घूम आएं। उससे नींद नहीं आती। 

यदि नींद आये तो क्या करें –

एक्सरसाइज करे :
अनेक विद्यार्थियों को अधिक नींद आती है उन्हें हर रोज सुबह वज्रआसन का अभ्यास करना चाहिये। वज्रआसन करने से उन्हें नींद कम आएगी। आप ध्यान भी लगा सकते हैं, ऐसा करने पर आपका मन इधर-उधर नहीं भटकेगा और पढ़ाई में भी ध्यान लगेगा। जब आप अधिक देर से पढ़ रहे हैं और आपको नींद आने लगे तो ऐसे में आप 2 से 3 मिनट के लिए खड़े होके कोई भी व्यायाम (Exercise) कर सकते हैं।  इससे आपकी नींद और आलसपन दूर हो जाएगा और आप फिर पढ़ाई कर सकेंगे। व्यायाम कोई सा भी हो सकता है। 
चाय-कॉफी पी सकते हैं-
पढ़ते वक्त थकावट और नींद आना शुरू हो जाये तो ऐसे में कॉफी/चाय लेने से भी आप तरोताजा हो जाते है। कॉफ़ी/चाय पीने से आपकी थकान/आलस्य दूर हो जाएगी और आप फ्रेश महसूस करने लगोगे और जब आप फ्रेश महसूस करने लगोगे तो आपका नींद भी नहीं आएगी। तो कॉफ़ी/चाय पीकर आप पढ़ते वक्त नींद दूर भगा सकते हैं। ग्रीन टी भी ले सकते हैं। 

चलते हुए या बोलते हुए पढ़े :-
कहीं भी बैठकर पढ़ते हुए आपको नींद आना शुरू हो जाये तो ऐसे में आप खड़े हो जाये और टहलते हुए पढ़ें। अगर आप अकेले पढ़ते हैं तो बोलकर भी पढ़ सकते हैं, इससे सारा आलस्य दूर हो जायेगा और आपको नींद भी नहीं आएगी। शरीर में सक्रियता बनी रहेगी। 

उम्मीद है कि इस लेख से आपको सहायता मिली होगी। और यह तथ्य आपकी सफलता में भी सहायक होंगे। तो एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई में जुट जाइए और तब तक न रुकें जब तक मुक़ाम हासिल न हो जाए।

ALL THE BEST TO YOU ALL FOR YOUR EXAMS ..!!
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