Thursday, 21 February 2019

kon hoga amar shaheed. graha btate hai./ कौन होगा अमर शहीद। ग्रह बताते है।

Posted by Dr.Nishant Pareek
पुलवामा में 44 सैनिक शहीद हो गए। उसके बाद 5 सैनिक फिर से शहीद हो गए। अपना जीवन राष्ट के लिए न्यौछावर करके अमर हो गए. कुंडली में इस तरह के योग होते है जो किसी किसी को ही अपने देश के प्रति बलिदान देने का मौका देते है। क्योंकि सभी सैनिक शहीद नहीं होते।  वे अपनी नौकरी पूरी करके रिटायर हो जाते है। और कुछ भाग्यशाली होते है। जिनका जीवन देश के काम आ जाता है।




सामान्यतया कुंडली में दूसरे और सातवें घर को मारक कहा गया है। तीसरे और आठवें घर को आयु घर कहा है। द्वादशांक चक्र से राष्ट्र का चिंतन किया जाता है। जो शहीद होते है। उनकी कुंडली में सामान्य मारक योग नहीं होता। जिनके मारक और कारक योग साथ होता है। वो ही शहीद होते है। मारक कारक का अर्थ है लौकिक शरीर का नाश और नाम का अमर होना। षोडश वर्ग के त्रिशांश चक्र में लग्नेश का निर्बल होना, शत्रु क्षेत्र में होना, नीच राशि में होना, इसके साथ बली भाग्येश से जुड़ना मरने के बाद अमर कर देता है।  अफसर रेंक वालों के नाम तो न्यूज़ पेपर में आजाते है। परन्तु बहुत से सैनिक होते है। जिनका नाम ही पता नहीं लग पाता।

सप्तमांश, द्वादशांश और त्रिशांश चक्र के अलावा यदि मोटे तौर पर लग्न से ही देखें तो कारक दशा में मारक ग्रहों का आना युद्ध में अचानक मृत्यु करवा देता है। दूसरा बारहवाँ और छटा आठवां घर युद्ध क्षेत्र माना गया है। दूसरे और बारहवें घर के मालिक का बली होना , अपनी राशि को देखना , मंगल सूर्य से संबंध हो तो व्यक्ति साहस के साथ मृत्यु को प्राप्त होता है।
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